बाथटब की ज़रूरत नहीं — हर दिन के स्नान में मिलाएँ प्राकृतिक खनिज, युनोहाना (Yunohana)
भारत में स्नान केवल शरीर साफ़ करना नहीं, बल्कि दिन को संवारने की एक परंपरा है। युनोहाना (Yunohana) एक प्राकृतिक खनिज स्नान पाउडर है, जो रासायनिक तत्वों पर निर्भर नहीं करता। बाथटब न हो तो भी कोई बात नहीं — रोज़ इस्तेमाल होने वाली बाल्टी या टब के गुनगुने पानी में बस एक चम्मच घोलिए। शिशु से लेकर पूरे परिवार तक, हर दिन के स्नान की आदत में अपनी त्वचा को कोमल और मुलायम बनाइए।

भारत में स्नान सिर्फ़ सफ़ाई नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को तरोताज़ा करने की एक पुरानी परंपरा है। युनोहाना (Yunohana) इसी रोज़ की परंपरा में सहजता से जुड़ने वाला, गर्म झरनों से प्राप्त प्राकृतिक खनिजों वाला स्नान पाउडर है। रासायनिक तत्वों के बजाय, गुनगुने पानी में घुले खनिज त्वचा को धीरे-धीरे कोमल बनाते हैं।
इसका इस्तेमाल भारतीय स्नान के तरीके में बिल्कुल फ़िट बैठता है। बाथटब की ज़रूरत नहीं। हमेशा इस्तेमाल होने वाली बाल्टी या टब के गुनगुने पानी में युनोहाना का एक चम्मच घोलकर शरीर पर डालिए, या आख़िरी बार धोने और चेहरा धोने के पानी में थोड़ा-सा मिलाइए। किसी ख़ास तैयारी के बिना, आपकी मौजूदा स्नान की आदत में बस एक कदम और जुड़ जाता है।
यह इतना कोमल है कि शिशु के स्नान में भी निश्चिंत होकर इस्तेमाल किया जा सकता है। गर्म और उमस भरे मौसम में भी स्नान के बाद त्वचा और भी ताज़ा महसूस होती है, इसलिए कई घरों में इसे पूरा परिवार साथ मिलकर इस्तेमाल करता है।
जब यह हर दिन की आदत बन जाती है, तो त्वचा की बनावट मुलायम और कोमल बनी रहती है। जापान के गर्म झरनों के खनिजों से शुरू हुआ युनोहाना (Yunohana), कोरिया में तीस साल से भी ज़्यादा समय से घर-घर की स्नान परंपरा का हिस्सा रहा है — अब इसे अपने बाथरूम में भी अपनाइए।